February School Holiday – 14 से 18 फ़रवरी तक लगातार स्कूल बंद रहने की खबर ने बच्चों और पेरेंट्स दोनों के चेहरे पर खुशी ला दी है। फ़रवरी के बीच में अचानक मिला यह लंबा ब्रेक बच्चों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। जहां बच्चे पढ़ाई और होमवर्क के दबाव से कुछ दिन राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं पेरेंट्स भी अपने बच्चों के साथ ज़्यादा समय बिताने की प्लानिंग कर रहे हैं। ठंड का मौसम, सरकारी छुट्टियां, स्थानीय अवकाश और साप्ताहिक छुट्टी मिलकर इस बार फ़रवरी में एक लंबा स्कूल ब्रेक बना रहे हैं, जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है।
फ़रवरी में स्कूल बंद रहने की वजह क्या है
14 से 18 फ़रवरी तक स्कूल बंद रहने के पीछे एक नहीं, बल्कि कई कारण जुड़े हुए हैं। इस दौरान राष्ट्रीय अवकाश, कुछ राज्यों में स्थानीय त्योहार, प्रशासनिक कारण और साप्ताहिक छुट्टी एक साथ पड़ रही है। कई जिलों में पहले से घोषित अवकाश को वीकेंड के साथ जोड़ दिया गया है, जिससे बच्चों को लगातार पांच दिन की छुट्टी मिल गई है। कुछ स्कूलों ने मौसम और क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले ही इस अवधि में छुट्टी की घोषणा कर दी थी, जिससे यह ब्रेक और लंबा हो गया।
बच्चों और पेरेंट्स पर छुट्टियों का असर
लगातार स्कूल बंद रहने का असर बच्चों और पेरेंट्स दोनों पर साफ नजर आ रहा है। बच्चे जहां आराम, खेल और मस्ती के मूड में हैं, वहीं पेरेंट्स भी इस समय को बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम के रूप में देख रहे हैं। कई परिवार छोटे ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो कुछ लोग रिश्तेदारों के यहां जाने या घर पर ही बच्चों के साथ समय बिताने की सोच रहे हैं। पेरेंट्स का मानना है कि पढ़ाई के बीच ऐसा ब्रेक बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है और इससे उनका तनाव कम होता है।
छुट्टियों के दौरान बच्चों को कैसे रखें एक्टिव
लंबी छुट्टियों में बच्चों को पूरी तरह मोबाइल और टीवी तक सीमित रखना सही नहीं होता। पेरेंट्स इस समय बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर सकते हैं। ड्राइंग, पेंटिंग, म्यूजिक, डांस या कोई नया शौक बच्चों को व्यस्त और खुश रख सकता है। इसके साथ ही सुबह या शाम के समय आउटडोर गेम्स खेलने से बच्चों की सेहत भी बेहतर रहती है। चाहें तो रोजाना थोड़ा समय पढ़ाई या रिवीजन के लिए भी रखा जा सकता है, ताकि छुट्टी के बाद स्कूल की रूटीन में वापस आने में परेशानी न हो।
स्कूल खुलने से पहले कैसे करें तैयारी
छुट्टियों के बाद जब स्कूल दोबारा खुलते हैं, तो बच्चों को फिर से पढ़ाई की दिनचर्या में ढलने में थोड़ा समय लगता है। इसलिए पेरेंट्स को चाहिए कि छुट्टी के आखिरी एक-दो दिनों में बच्चों का रूटीन धीरे-धीरे स्कूल टाइम के अनुसार सेट करें। समय पर सोना-जागना, बैग और किताबें तैयार करना और हल्का-फुल्का होमवर्क देख लेना बच्चों को मानसिक रूप से तैयार करता है। बच्चों को स्कूल को लेकर पॉजिटिव बातें बताना और उन्हें मोटिवेट करना भी इस बदलाव को आसान बनाता है।
पेरेंट्स के लिए यह ब्रेक क्यों है खास
यह लंबा स्कूल हॉलीडे सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि पेरेंट्स के लिए भी खास है। रोज़मर्रा की भागदौड़ और काम के बीच पेरेंट्स को अपने बच्चों के साथ बैठकर बात करने, उनकी पसंद-नापसंद समझने और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलता है। ऐसे ब्रेक पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने में मदद करते हैं और बच्चों को भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाते हैं।
14 से 18 फ़रवरी तक लगातार स्कूल बंद रहना बच्चों के लिए राहत और खुशी का समय है। यह ब्रेक न सिर्फ आराम के लिए, बल्कि सीखने, परिवार के साथ जुड़ने और नई ऊर्जा के साथ स्कूल लौटने का अवसर भी देता है। अगर इस समय का सही इस्तेमाल किया जाए, तो यह छुट्टी बच्चों के विकास और मानसिक संतुलन के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
Disclaimer
यह लेख सामान्य जानकारी और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। स्कूल छुट्टियों से संबंधित तिथियां, नियम और निर्णय राज्य सरकार, जिला प्रशासन या संबंधित स्कूल प्रबंधन द्वारा बदले जा सकते हैं। सभी स्कूलों में एक जैसी छुट्टी लागू होना आवश्यक नहीं है। अभिभावकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले अपने बच्चे के स्कूल की आधिकारिक सूचना, नोटिस या स्थानीय प्रशासन की घोषणा की पुष्टि अवश्य करें।









